झारखंड में पहली बार शुरू होगी किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा, रिम्स और राज हॉस्पिटल को लाइसेंस

Jharkhand kidney transplant news : झारखंड के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। राज्य में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney Transplant) की सुविधा शुरू होने जा रही है। मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत गठित एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) और राज हॉस्पिटल को किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस देने पर सहमति बनी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जल्द ही दोनों संस्थानों को औपचारिक लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही झारखंड उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है।
रिम्स में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू होने में लगेगा समय
हालांकि रिम्स को लाइसेंस मिलने के बाद किडनी ट्रांसप्लांट की वास्तविक शुरुआत में कम से कम छह महीने का समय लगेगा। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन को तकनीकी संसाधन, उपकरण और प्रशिक्षित मानव संसाधन से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी करनी होंगी।
रिम्स प्रबंधन ने किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट के लिए जगह भी चिन्हित कर ली है। यह यूनिट सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग के पांचवें तल्ले पर स्थापित की जाएगी, जहां फिलहाल एसएसआईसीयू (SSICU) संचालित है। एसएसआईसीयू को यहां से शिफ्ट करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
राज्य के मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ
अब तक झारखंड के किडनी मरीजों को ट्रांसप्लांट के लिए बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली या अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता था, जिससे इलाज महंगा और जटिल हो जाता था। राज्य में ही यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को कम खर्च, बेहतर फॉलोअप और समय पर इलाज मिल सकेगा।
उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया फैसला
किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर यह अहम फैसला स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक में सभी सदस्यों ने दोनों संस्थानों की तैयारियों और मानकों की समीक्षा के बाद लाइसेंस देने पर सहमति जताई।
झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत से झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे को बड़ी मजबूती मिलेगी और राज्य धीरे-धीरे सुपर स्पेशियलिटी इलाज का केंद्र बन सकेगा।




