झारखंड

नाइजर से सुरक्षित लौटे झारखंड के पांच श्रमिक, आठ महीने बाद परिवारों में लौटी खुशियां

भारतीय श्रमिक सुरक्षित वापसी : पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर में अगवा किए गए झारखंड के पांच श्रमिकों की सुरक्षित भारत वापसी की खबर ने पूरे राज्य में राहत और खुशी का माहौल बना दिया है। करीब आठ महीने तक बंधक रहने के बाद शुक्रवार को सभी श्रमिक सुरक्षित स्वदेश लौट आए। उनकी वापसी की सूचना मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली और गांवों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

रोजगार के लिए गए थे नाइजर, हो गया था अपहरण

जानकारी के अनुसार, ये सभी श्रमिक रोजगार के सिलसिले में नाइजर गए थे। पिछले वर्ष वहां संदिग्ध तत्वों ने उनका अपहरण कर लिया था। इसके बाद से ही श्रमिकों के परिजन, झारखंड सरकार और केंद्र सरकार लगातार उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए प्रयास कर रहे थे।

कूटनीतिक प्रयासों से मिली सफलता

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने नाइजर सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर इस मामले में लगातार कूटनीतिक प्रयास किए। लंबे समय तक चले संवाद और समन्वय के बाद आखिरकार सभी पांचों श्रमिकों को सुरक्षित मुक्त कराया गया और उन्हें भारत लाया गया।

स्वदेश लौटने के बाद श्रमिकों ने बताया कि बंधक रहने के दौरान उन्हें मानसिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत सरकार और भारतीय दूतावास की मदद से उन्हें नई जिंदगी मिली।

झारखंड सरकार ने जताया आभार

झारखंड सरकार ने श्रमिकों की सुरक्षित वापसी पर संतोष जताते हुए केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय का आभार व्यक्त किया है। सरकार ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि संकट की घड़ी में सरकार अपने नागरिकों के साथ खड़ी रहती है।

परिजनों की मांग: विदेश में श्रमिकों की सुरक्षा और मजबूत हो

श्रमिकों के परिजनों ने सरकार से अपील की है कि विदेशों में काम करने वाले भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर और कड़े इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

स्वास्थ्य जांच जारी

फिलहाल सभी श्रमिक अपने-अपने घर पहुंच चुके हैं और उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। आठ महीने के लंबे इंतजार के बाद उनकी सुरक्षित वापसी न सिर्फ उनके परिवारों, बल्कि पूरे झारखंड के लिए राहत और खुशी की खबर बन गई है।

 

 

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