साइक्लोन मोंथा: पूर्वी तट पर मंडरा रहा समुद्री तूफ़ान का खतरा
मोन्था : चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ ने सोमवार रात आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में जोरदार दस्तक दी। तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आईं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले 24 घंटों तक आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तटीय इलाकों में समुद्र उफान पर है और मछुआरों को अगले दो दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश में भारतीय सेना और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए तैनात की गई हैं। वहीं ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
हवाई सेवाओं पर साइक्लोन ‘मोन्था’ का बड़ा असर: 35 से अधिक उड़ानें रद्द
साइक्लोन ‘मोन्था’ के प्रभाव से हवाई सेवाएं बुरी तरह बाधित हुई हैं। तेज़ हवाओं और खराब मौसम के कारण तेलंगाना के शमशाबाद एयरपोर्ट (हैदराबाद) से उड़ान भरने और उतरने वाली कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, विजयवाड़ा, विशाखापट्टनम और राजमुंदरी के बीच संचालित होने वाली 35 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इनमें 30 इंडिगो, 2 एयर इंडिया और 5 एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें शामिल हैं।

विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए सभी उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। एयरलाइनों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा से पहले उड़ानों की स्थिति की जानकारी वेबसाइट या हेल्पलाइन के माध्यम से अवश्य लें।
ट्रेन सेवाओं पर भी साइक्लोन ‘मोन्था’ का असर, कई रूट बदले गए
साइक्लोन ‘मोन्था’ के कारण पूर्वी तटवर्ती राज्यों में परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। भारी बारिश और तेज़ हवाओं की वजह से कई ट्रेन सेवाओं को रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।
आंध्र प्रदेश सरकार ने चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए 800 से अधिक राहत केंद्र स्थापित किए हैं। तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, जबकि गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को विशेष एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। सभी जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बिजली, पानी व स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
तटीय राज्यों में हाई अलर्ट, मौसम विभाग ने दी गंभीर चेतावनी
भारत मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 घंटों में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। समुद्र में लहरों की ऊंचाई बढ़ रही है, जिससे तटीय इलाकों में जलभराव और बाढ़ की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, साइक्लोन मोंथा की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी घरों को नुकसान होने की संभावना है। सुरक्षा के मद्देनज़र तटीय जिलों के स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को बंद रखा गया है।
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